अरे ! समाजवादियों..कुछ हाय शर्म तो बचाके रखो ..जिनकी पूरी पार्टी ही परिवारवादी हो …ज़िनका धंधा जमीन कब्जाने का रहा हो ..और जो अराजकता में इतने मंदाध हों कि अपने संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी मंच से धकियाना चाहते हों …उनको चाहिये के वे दूसरों पर प्रश्नचिह्न ना उठायें !
दुनिया आपके संस्कारों और विचारों से परिचित है ..ब्राह्मणों से तुम्हें बहुत पीड़ा है ..
और पाठक टाइटल से तो और ज्यादा क्योंकि एक पाठक ने ही आपको सर्वोच्च नेता को हराया था !!
तुम्हें कोई अपने घर ही नहीं बुलाता क्योंकि तुम जो हो अपने साले, साढ़ू, भाई, भतीजा समेत उसके घर, जमीन कब्जा लोगे, बहन बेटियों को बुरी नजर से देखोगे, इसीलिए तुमको कोई चिमटे से भी नहीं छूता, बस तुम अपना लंगड़ा स्टूल सम्भालो, भ्रष्टाचार बेईमानी करो, लफ्फाजी करो, यही तुम्हरा काम धंधा बचा है, अगले साल से टमटम चलाना
नोट - श्री अखिलेश यादव जी का ये वीडियो एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान किसी सम्मानित व्यक्ति के घर का है
इस नकारे स्टूल पाठक को तो हेलीकॉप्टर में बैठकर बस स्वास्थ्य विभाग से लूट के हराम के पैसों से काजू बादाम उड़ाना है