नर्स नीलम मौर्य को जिला अस्पताल से हटा दिया गया
डॉक्टर मुकेश प्रजापति की तन्खा रोक दी गई।
लेकिन यह काफी नहीं।
अगर आरक्षण में वर्गीकरण होता तो मुसहर वंचित वर्ण के भी डॉक्टर होते। फिर एक मुसहर समाज की महिला की डिलीवरी सड़क पर ना होती ।
कुछ जातंकी नीलम मौर्य व मुकेश प्रजापति हमारे हिस्से का आरक्षण खाकर , हमें ही सरकार की दी हुई सुविधाओं से वंचित करते है।
अब समय आ गया है बिहार के वंचित वर्ग जैसे मांझी, मुसहर, डोम, तुरई आदि की जातियों को आरक्षण की वर्गीकरण को लेकर बड़ा आंदोलन करना होगा।